Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124
Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124
जब मैदान के हर कोने में गेंद की बौछार हो रही हो, गेंदबाज बेबस नजर आ रहे हों और स्टेडियम में मौजूद दर्शक अपने होश खो चुके हों, तो समझ जाइए कि क्रीज पर ‘जोस द बॉस’ यानी जोस बटलर बल्लेबाजी कर रहे हैं। आधुनिक क्रिकेट के इतिहास में जब भी सीमित ओवरों (ODI और T20) के सबसे विनाशकारी और समझदार बल्लेबाजों की सूची बनाई जाएगी, तो इंग्लैंड के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज का नाम सबसे ऊपर की पंक्तियों में शुमार होगा।
जोस बटलर सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं हैं, बल्कि वे उस इंग्लैंड टीम के ध्वजवाहक हैं जिसने सफेद गेंद के क्रिकेट को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। अपनी आक्रामक शैली, अनोखी लैप और स्कूप शॉट्स, और शांत स्वभाव के दम पर उन्होंने पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। आइए, इस विशेष ब्लॉग में जानते हैं जोस बटलर के शुरुआती जीवन, उनके संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तहलका मचाने की कहानी, आईपीएल में उनके दबदबे और उनके करियर से जुड़े अनदेखे पहलुओं के बारे में।
जोस चार्ल्स बटलर का जन्म 8 सितंबर 1990 को इंग्लैंड के समरसेट (टॉनटन) में हुआ था। बचपन से ही जोस के अंदर खेलों के प्रति अद्भुत लगन थी। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही बल्ला थाम लिया था। टॉनटन के किंग्स कॉलेज में पढ़ते हुए ही उनकी क्रिकेट प्रतिभा निखरकर सामने आने लगी थी।

समरसेट काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए उन्होंने जूनियर स्तर पर ढेरों रन बनाए। उनके शुरुआती कोचों का कहना था कि बटलर में गेंद को टाइम करने की कुदरती प्रतिभा थी। वे किसी भी गेंदबाज की रफ्तार का फायदा उठाकर आसानी से बाउंड्री बटोर लेते थे। साल 2009 में उन्होंने समरसेट के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया और जल्द ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इंग्लैंड के चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जोस बटलर ने जनवरी 2011 में भारत के खिलाफ अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और उसके अगले ही साल यानी 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे क्रिकेट में कदम रखा। शुरुआत में बटलर को एक निचले क्रम के फिनिशर के रूप में देखा जाता था जो आखिरी के ओवरों में आकर तेज गति से रन बना सके।
लेकिन साल 2015 का वनडे विश्व कप इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक दुःस्वप्न साबित हुआ। वहां मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड ने अपने खेलने के तरीके को पूरी तरह बदलने का फैसला किया। इस ‘न्यू एरा’ (नए दौर) के सबसे बड़े हीरो बने जोस बटलर और उनके कप्तान इयोन मोर्गन।
“क्रिकेट केवल रन बनाने या विकेट लेने का खेल नहीं है, यह विपक्षी टीम के मनोबल को तोड़ने की एक मानसिक कला है, और जोस बटलर इस कला के उस्ताद हैं।” – इयोन मोर्गन (इंग्लैंड के पूर्व कप्तान)
बटलर ने 360-डिग्री बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन पेश किया जिसकी उम्मीद किसी भी पारंपरिक अंग्रेजी बल्लेबाज से नहीं की जाती थी। उन्होंने तेज गेंदबाजों को विकेट के पीछे स्कूप मारना, स्पिनरों को स्वीप और रिवर्स स्वीप से पस्त करना और सामने लंबे-लंबे छक्के लगाना अपना मुख्य हथियार बना लिया।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने जोस बटलर के करियर को एक नया आयाम दिया। आईपीएल में उन्होंने अपने सफर की शुरुआत मुंबई इंडियंस के साथ की थी, लेकिन उनका असली अवतार तब देखने को मिला जब वे 2018 में राजस्थान रॉयल्स (RR) से जुड़े।
राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें मध्यक्रम से उठाकर ओपनिंग (पारी की शुरुआत) करने की जिम्मेदारी दी और यह फैसला आईपीएल इतिहास के सबसे बेहतरीन फैसलों में से एक साबित हुआ। बटलर ने ओपनर के तौर पर बल्ले से तबाही मचा दी।
साल 2022 का आईपीएल सीजन जोस बटलर के नाम रहा। इस सीजन में उन्होंने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए कई अद्भुत रिकॉर्ड बनाए:
राजस्थान रॉयल्स के प्रशंसकों के लिए जोस बटलर केवल एक विदेशी खिलाड़ी नहीं, बल्कि उनके अपने ‘जोस भाई’ बन चुके हैं। उनकी और संजू सैमसन की जोड़ी ने राजस्थान को कई बार अकेले दम पर जीत दिलाई है।
इयोन मोर्गन के संन्यास लेने के बाद, जून 2022 में जोस बटलर को इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया। एक कप्तान के तौर पर उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी मोर्गन की विरासत को आगे बढ़ाना और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले 2022 T20 विश्व कप में टीम का नेतृत्व करना।
बटलर ने न केवल कप्तानी का दबाव झेला, बल्कि बल्ले और अपने फैसलों से टीम को लीड किया। भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में एलेक्स हेल्स के साथ मिलकर 170 रनों की नाबाद साझेदारी हो या फिर फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी उठाना—बटलर ने खुद को एक वर्ल्ड-क्लास लीडर के रूप में साबित किया। वे एमएस धोनी के बाद दुनिया के दूसरे ऐसे विकेटकीपर-कप्तान बने जिन्होंने T20 विश्व कप जीता।
आखिर क्या बात है जो जोस बटलर को इस दौर का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाती है? आइए उनकी बल्लेबाजी के तकनीकी पहलुओं पर एक नजर डालते हैं:
| तकनीकी पहलू | बटलर की खासियत | गेंदबाजों पर प्रभाव |
|---|---|---|
| हैंड-आई को-ऑर्डिनेशन | बेहतरीन टाइमिंग और हाथों की तेज मूवमेंट। | गेंदबाज को अपनी लाइन-लेंथ बदलने का मौका नहीं मिलता। |
| 360-डिग्री शॉट रेंज | स्कूप, 360-डिग्री रैम्प और फाइन लेग शॉट्स। | फील्डिंग सेट करना लगभग असंभव हो जाता है। |
| मजबूत बेस और पावर | शॉट खेलते समय शरीर का संतुलन एकदम स्थिर रहना। | सामने की तरफ लंबे और विशाल छक्के लगाना आसान। |
| मैच की समझ (Match Awareness) | शुरुआत में समय लेना और फिर अचानक गियर बदलना। | गेंदबाज को कभी अपनी लय में नहीं आने देते। |
जहां सीमित ओवरों के क्रिकेट में बटलर का कोई सानी नहीं है, वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनका सफर थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 57 टेस्ट मैच खेले हैं और 2900 से ज्यादा रन बनाए हैं। हालांकि, टेस्ट में वे अपने वनडे और T20 वाले दबदबे को पूरी तरह से दोहरा नहीं पाए।
इसके बावजूद, भारत के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज (2018) में लगाया गया उनका टेस्ट शतक और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड एशेज टेस्ट में 207 गेंदों पर 26 रनों की जुझारू पारी यह दर्शाती है कि बटलर के पास जरूरत पड़ने पर गेंद छोड़ने और क्रीज पर खूंटा गाड़ने का संयम भी था।
मैदान पर गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले जोस बटलर मैदान के बाहर बेहद शांत, शालीन और पारिवारिक इंसान हैं। उनकी पत्नी का नाम लुईस बटलर (Louise Buttler) है, जो एक फिटनेस ट्रेनर हैं। उनकी दो बेटियां हैं—जॉर्जिया और मार्गोट। बटलर अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपनी बेटियों और परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं।
वे भारतीय संस्कृति और खानपान को बेहद पसंद करते हैं। आईपीएल के दौरान वे अक्सर भारतीय व्यंजनों का आनंद लेते दिखते हैं और राजस्थान रॉयल्स के कंटेंट में उनके देसी अंदाज को प्रशंसक खूब पसंद करते हैं।
क्रिकेट के खेल में ‘GOAT’ (Greatest of All Time) का टैग देना इतना आसान नहीं होता, लेकिन अगर बात आधुनिक युग के T20 और वनडे क्रिकेट की हो, तो जोस बटलर निसंदेह इस श्रेणी में फिट बैठते हैं। उन्होंने न केवल रन बनाए हैं, बल्कि मैचों को जीतने का तरीका और सफेद गेंद के क्रिकेट का मिजाज बदला है।
30 के पार हो चुके बटलर आज भी उतने ही फिट और भूखे नजर आते हैं जितने वे अपने करियर के शुरुआती दिनों में थे। आने वाले सालों में क्रिकेट फैंस उनके बल्ले से कई और यादगार पारियों और रिकॉर्ड्स की उम्मीद कर सकते हैं।
जोस बटलर को क्रिकेट फैंस और साथी खिलाड़ी प्यार से ‘जोस द बॉस’ (Jos the Boss) कहते हैं।
जोस बटलर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) टीम के मुख्य ओपनर और स्टार खिलाड़ी हैं।
जोस बटलर ने इंग्लैंड की तरफ से खेलते हुए सिर्फ 46 गेंदों में वनडे शतक बनाया है, जो इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज वनडे शतक है।
जी हां, जोस बटलर 2019 में वनडे विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम के उप-कप्तान थे (उन्होंने फाइनल में सुपर ओवर में रन-आउट किया था) और 2022 T20 विश्व कप में वे इंग्लैंड टीम के कप्तान थे जिसने खिताब जीता।
उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी 360-डिग्री शॉट खेलने की क्षमता, ग्राउंड के पीछे (स्कूप और रैम्प शॉट) खेलने की महारत और तेज तर्रार पावर-हिटिंग है।